क्रिकेट फैंस जिस पल का इंतजार इस साल की शुरुआत से कर रहे थे वो पल अब काफी नजदीक आ गया है। दर्शकों के लिए यह काफी खुशनुमा पल होगा जब इंडियन प्रीमियर लीग के 13वें सीजन के ओपनिंग मैच में टूर्नामेंट की दो सबसे बड़ी टीमें मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स एक दूसरे के आमने-सामने होंगी। इसके साथ ही कोरोना वायरस की वजह से भारत के बाहर यूएई में हो रहे आईपीएल का शुभारंभ हो जाएगा। इस बार के आईपीएल के सभी मैच यूएई के तीन शहरों दुबई, अबू धाबी और शारजाह में खेले जाएंगे। सबसे ज्यादा 24 मैच दुबई, 20 मैच अबु धाबी और 12 मैच शारजाह में होंगे।
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Friday, 18 September 2020
Paytm को बड़ा झटका,अब पेटीएम यूजर्स के वॉलेट में जमा पैसों का क्या होगा
Paytm को बड़ा झटका
गूगल प्ले स्टोर ने मोबाइल पेमेंट ऐप Paytm को बड़ा झटका देते हुए आज उसे हटा दिया है। वहीं Apple App Store पर यह ऐप डाउनलोड के लिए उपलब्ध है। अब सबसे बड़ा सवाल है कि क्या यूजर इसे अब इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। बता दें Paytm को केवल गूगल प्ले स्टोर से ही हटाया गया है। अगर आपके फोन में पहले से Paytm मौजूद है तो अभी भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। बता दें कि इस ऐप का इस्तेमाल छोटी-बड़ी सभी पेमेंट से लेकर शॉपिंग और इन्वेसमेंट के लिए भी किया जाता है।
गूगल प्ले स्टोर से पेटीएम ऐप हटाए जाने के बाद कंपनी ने ट्वीट कर कहा है कि नए डाउनलोड या अपडेट के लिए Google के Play Store पर Paytm Android ऐप अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है। यह बहुत जल्द वापस आ जाएगा। आपके सभी पैसे पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और आप अपने पेटीएम ऐप को सामान्य रूप से जारी रख सकते हैं।
5 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स
पेटीएम भारत का सबसे कीमती स्टार्टअप है और इसका दावा है कि इसके पास 5 करोड़ मंथली एक्टिव यूजर्स हैं। एक-दूसरे के साथ पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देने वाली पेटीएम ऐप आज ही प्ले स्टोर से हटाई गई है। गूगल ने कहा, खेलों में सट्टेबाजी को बढ़ावा देने वाले ऐप प्ले स्टोर से हटाए जाएंगे।
जानें गूगल ने क्या कहा
ऐप को हटाने के बाद गूगल ने कहा कि प्ले स्टोर पर भारत में ऑनलाइन कैसिनो और खेलों पर सट्टेबाजी कराने वाली ऐप्स की इजाजत नहीं है। इस संबंध में पेटीएम लगातार प्ले स्टोर के नियमों का उल्लंघन कर रही थी। गूगल ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, ''हम ऑनलाइन कैसिनो की अनुमति नहीं देते हैं या खेलों में सट्टेबाजी की सुविधा देने वाले किसी भी अनियमित जुआ ऐप का समर्थन नहीं करते हैं। इसमें वे ऐप शामिल हैं जो ग्राहकों को किसी ऐसी बाहरी वेबसाइट पर जाने के लिए प्रेरित करते हैं, जो धनराशि लेकर खेलों में पैसा या नकद पुरस्कार जीतने का मौका देती है। यह हमारी नीतियों का उल्लंघन है।
भारत में आईपीएल जैसे प्रमुख खेल आयोजनों से पहले इस तरह के ऐप बड़ी संख्या में लॉन्च किए जाते हैं। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का नवीनतम सत्र 19 सितंबर से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाला है।
ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि ये नीतियां उपयोगकर्ताओं को संभावित नुकसान से बचाने के लिए हैं। हालांकि, गूगल ने यह साफ नहीं किया है कि क्या इस आधार पर किसी ऐप को हटाया गया है या नहीं। गूगल ने यह भी कहा कि जब कोई ऐप इन नीतियों का उल्लंघन करता है, तो उसके डेवलपर को इस बारे में सूचित किया जाता है, और जब तक डेवलपर ऐप को नियमों के अनुरूप नहीं बनाता है, उसे तब तक गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया जाता है।
एंड्रॉइड सुरक्षा एवं गोपनीयता के उत्पाद उपाध्यक्ष सुजान फ्रे द्वारा पोस्ट किए गए इस ब्लॉग में कहा गया है कि ऐसे मामले जहां नीतियों का बार-बार उल्लंघन किया जाता है, गूगल अधिक गंभीर कार्रवाई कर सकती है, जिसमें डेवलपर के खातों को खत्म करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि ये नीतियां सभी डेवलपर्स पर समान रूप से लागू की जाती हैं।
Thursday, 17 September 2020
8 महीने, 6 करोड़ कोरोना टेस्ट
8 महीने, 6 करोड़ कोरोना टेस्ट
भारत में भले ही कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हर दिन बढ़ रहे हैं, मगर यह भी हकीकत है कि इसके जांच की संख्या में भी पहले की तुलना में बड़ा इजाफा हुआ है। भारत में 60 मिलियन यानी 6 करोड़ से अधिक कोरोना वायरस के सैंपल की जांच की जा चुकी है। बुधवार को 11,36,613 कोरोना सैंपल की जांच की गई। इस तरह से देखा जाए तो 6,05,65,728 कोरोना टेस्ट करने में देश को करीब आठ महीने का समय लगा। भारत में पहले कोविड-19 के सैंपल का टेस्ट 23 जनवरी को पुणे स्थित भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में किया गया था।
यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि जनवरी में भारत के पास सिर्फ एक एनआईवी (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी) लैब थी। तब से देश ने सरकारी और निजी क्षेत्र में कुल 1,751 लैब को अपने नेटवर्क में जोड़ा है। इनमें से सरकारी 1059 प्रयोगशाला हैं और 659 प्राइवेट प्रयोगशालाएं हैं। नाम न जाहिर होने की शर्त पर एक आईसीएमआर अधिकारी ने कहा कि कोरोना टेस्ट के लिए लैब को दैनिक आधार पर उचित अप्रूवल के बाद जोड़ा जा रहा है।
पिछले तीन सप्ताह से औसतन भारत हर दिन अब एक मलियन यानी करीब दस लाख कोरोना सैंपलों की जांच कर रहा है। इनमें आरटी-पीसीआर और रैपिड एंटीजेन टेस्ट भी शामिल हैं।
आईसीएमआर द्वारा जारी डेटा के मुताबिक, कोरोना के हुए अब तक के कुल जांच में रैपिड एंटिजेन टेस्ट की भागीदारी 40 फीसदी है। देश में कोरोना टेस्ट की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। 8 अप्रैल तक कोरोना के कुल 10,000 टेस्ट किए गए थे। 3 मई तक यह आंकड़ा बढ़कर एक मिलियन (दस लाख) हो गया, 10 जून तक पांच मिलियन (पचास लाख), 7 जुलाई तक 10 मिलियन (1 करोड़) और बुधवार को कोरोना टेस्ट 60 मिलियन (6 करोड़) का आंकड़ा पार कर लिया।
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह देश में किए गए औसत दैनिक कोविड-19 परीक्षणों में 29 जुलाई से 4 अगस्त के बीच 0.5 मिलियन (5,04,266) की वृद्धि देखी गई है। हालांकि, कुछ राज्यों में कोविड 19 का उच्च पॉजिटिविटी रेट चिंता का विषय है, जहां कोरोना टेस्ट बड़े पैमाने पर हो रहा है। देश में कोरोना वायरस का पॉजिटिव रेट 8.4 फीसदी है। मगर महाराष्ट्र में यही आंकड़ा 21.5 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 12.3 फीसदी और कर्नाटक में 12.1 फीसदी है। हालांकि, इन राज्यों में टेस्ट की रफ्तार भी बढ़ी है।
आज यानी गुरुवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे के बात करें तो देश में 97 हजार से अधिक नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही कुल मामलों की संख्या 51 लाख के पार कर गई है। मौत के आंकड़ों पर गौर करें तो बीते कुछ समय से रोजाना एक हजार से अधिक मरीज इस महामरी से मर रहे हैं। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बीते 24 घंटे में कोरोना के 97,894 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इसके साथ ही 1132 मरीजों की मौत भी हो गई है।

